JANM

झारखंड आंदोलनकारी नागरिक मंच | Jharkhand Andolankari Nagrik Manch | JANM

संघर्ष की विरासत से नागरिक नेतृत्व की ओर

राष्ट्रीय नागरिक निर्माण अभियान (NCBC) की एक विशेष नागरिक पहल

झारखंड आंदोलनकारी नागरिक मंच की पूरी डिजिटल पुस्तिका पढ़ें

संघर्ष की विरासतसम्माननागरिक सहभागिताबेहतर झारखंड

झारखंड बनाया थाअब सपनों का झारखंड बनाएँगे।

संघर्ष से राज्य बनाअब नागरिक शक्ति से बेहतर झारखंड बनाएँ

झारखंड केवल प्रशासनिक सीमाओं के परिवर्तन से नहीं बना।

इसके निर्माण के पीछे दशकों का संघर्ष, त्याग, जनभागीदारी और हजारों आंदोलनकारियों का योगदान रहा है।

अनेक लोगों ने झारखंड के सपने के लिए अपने जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा समर्पित किया। परिवार, आजीविका और व्यक्तिगत सुविधाओं की परवाह किए बिना उन्होंने संघर्ष किया।

राज्य बनने के बाद भी अनेक आंदोलनकारी आज अपने योगदान की उचित पहचान, सम्मान और सार्थक सहभागिता की प्रतीक्षा कर रहे हैं।

लेकिन आज प्रश्न केवल आंदोलनकारियों के सम्मान का नहीं है।

एक बड़ा प्रश्न यह भी है—

जिस संघर्ष ने झारखंड बनाया, उसकी विरासत आज के झारखंड को बेहतर बनाने में क्या भूमिका निभा सकती है?

क्या संघर्ष की यह विरासत केवल इतिहास बनकर रह जाए?

या यह नई पीढ़ी, नागरिक समाज और संस्थाओं को एक बेहतर झारखंड बनाने के लिए फिर से प्रेरित कर सकती है?

इसी सोच से जन्म लेता है—

झारखंड आंदोलनकारी नागरिक मंच

झारखंड आंदोलनकारी नागरिक मंच (JANM) झारखंड आंदोलन की ऐतिहासिक विरासत को सम्मान, नागरिक चेतना, सामाजिक उत्तरदायित्व, नई पीढ़ी के नेतृत्व और बेहतर राज्यनिर्माण की शक्ति में बदलने का एक साझा, गैर-दलीय नागरिक मंच है।

यह मंच क्यों?

झारखंड आंदोलन ने केवल अलग राज्य की माँग नहीं की थी।

उस संघर्ष के पीछे सम्मान, पहचान, अवसर, न्याय, स्थानीय आकांक्षाएँ और बेहतर जीवन का सपना भी था।

राज्य बन गया।

लेकिन राज्य-निर्माण की प्रक्रिया अभी जारी है।

आज भी झारखंड अनेक चुनौतियों का सामना कर रहा है—

  • आंदोलनकारियों की पहचान और सम्मान;
  • युवाओं के लिए रोजगार और अवसर;
  • गुणवत्तापूर्ण शिक्षा;
  • पारदर्शी और जवाबदेह शासन;
  • नागरिक अधिकारों तक वास्तविक पहुँच;
  • स्थानीय संस्थाओं में नागरिक भागीदारी;
  • ग्रामीण, आदिवासी और वंचित समुदायों की विकास चुनौतियाँ;
  • महिलाओं और युवाओं की नेतृत्वकारी भूमिका;
  • नागरिक समाज और सार्वजनिक संस्थाओं के बीच विश्वास और सहयोग।

इन चुनौतियों का समाधान केवल सरकार, राजनीति या किसी एक संगठन से नहीं होगा।

इसके लिए आंदोलनकारियों, नागरिकों, युवाओं, महिलाओं, विशेषज्ञों, शिक्षण संस्थानों, गैर-लाभकारी संस्थाओं और नागरिक समाज की साझा भागीदारी आवश्यक है।

झारखंड आंदोलन की विरासत को अब राज्यनिर्माण की नागरिक शक्ति बनना होगा।

हमारी दृष्टि

हम ऐसे झारखंड की कल्पना करते हैं जहाँ—

हर नागरिक की गरिमा का सम्मान हो।

हर नागरिक को न्याय और अवसर मिले।

नागरिक केवल लाभार्थी न हों, बल्कि राज्य-निर्माण के सक्रिय भागीदार बनें।

आंदोलनकारियों के योगदान को इतिहास और सार्वजनिक जीवन में उचित सम्मान मिले।

युवा और महिलाएँ सामाजिक तथा नागरिक नेतृत्व में आगे आएँ।

स्कूल, कॉलेज, विश्वविद्यालय और सामाजिक संस्थाएँ अपने समुदायों से सक्रिय रूप से जुड़ें।

सार्वजनिक संस्थाएँ अधिक पारदर्शी, सहभागी और जवाबदेह बनें।

और झारखंड आंदोलन की संघर्ष-परंपरा नई पीढ़ी को जिम्मेदार नागरिक नेतृत्व के लिए प्रेरित करे।

हमारा लक्ष्य केवल संघर्ष की स्मृति को सुरक्षित रखना नहीं है।

हमारा लक्ष्य उस संघर्ष की ऊर्जा को भविष्य के नागरिक नेतृत्व में बदलना है।

हमारा मिशन

झारखंड आंदोलनकारी नागरिक मंच का मिशन है—

आंदोलनकारियों को जोड़ना

झारखंड आंदोलन से जुड़े लोगों और उनके परिवारों के बीच संवाद, सम्मान, सहयोग और सहभागिता का अवसर विकसित करना।

संघर्ष की विरासत को संरक्षित करना

आंदोलनकारियों के अनुभवों, दस्तावेजों, तस्वीरों, संस्मरणों और स्थानीय इतिहास का व्यवस्थित दस्तावेजीकरण करना।

नई पीढ़ी को जोड़ना

युवाओं और विद्यार्थियों को झारखंड आंदोलन के इतिहास, नागरिकता, लोकतंत्र और राज्य-निर्माण की प्रक्रिया से परिचित कराना।

नागरिक समाज को जोड़ना

महिलाओं, युवाओं, किसानों, मजदूरों, शिक्षकों, पेशेवरों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और जागरूक नागरिकों को स्थानीय सार्वजनिक प्रश्नों से जोड़ना।

संस्थाओं को जोड़ना

स्कूलों, कॉलेजों, विश्वविद्यालयों, गैर-लाभकारी संस्थाओं, शोध संस्थानों, ट्रस्टों, फाउंडेशनों और अन्य समाजहितकारी संस्थाओं के साथ विषय-आधारित सहयोग विकसित करना।

समाधानआधारित नागरिक भागीदारी बढ़ाना

सिर्फ समस्याओं पर प्रतिक्रिया देने के बजाय तथ्य, संवाद, सहयोग और सामुदायिक पहल के माध्यम से व्यावहारिक समाधान विकसित करना।

मंच की प्रमुख कार्यधाराएँ

1. झारखंड आंदोलन का इतिहास एवं अभिलेखन

झारखंड आंदोलन का इतिहास केवल कुछ प्रमुख नेताओं या बड़ी घटनाओं का इतिहास नहीं है।

गाँवों, कस्बों, शहरों और विभिन्न समुदायों में हजारों लोगों ने इस आंदोलन में भाग लिया।

उनकी स्मृतियाँ भी झारखंड की सामूहिक विरासत हैं।

मंच प्रयास करेगा कि—

  • आंदोलनकारियों के मौखिक इतिहास रिकॉर्ड किए जाएँ;
  • पुराने दस्तावेजों, पत्रों और तस्वीरों का संकलन हो;
  • संस्मरणों का डिजिटल संग्रह तैयार हो;
  • स्थानीय स्तर के आंदोलन इतिहास को दर्ज किया जाए;
  • नई पीढ़ी को इस इतिहास से परिचित कराया जाए।

हम अपनी विरासत स्वयं दर्ज करेंगे।

2. आंदोलनकारी सम्मान एवं सहयोग

आंदोलनकारियों का सम्मान केवल समारोहों और प्रमाणपत्रों तक सीमित नहीं होना चाहिए।

उनके योगदान को समाज की सामूहिक स्मृति और सार्वजनिक जीवन में स्थान मिलना चाहिए।

मंच प्रयास करेगा कि—

  • आंदोलनकारियों के योगदान का दस्तावेजीकरण हो;
  • उनके सम्मान एवं पहचान से जुड़े विषयों पर संवाद हो;
  • वृद्ध और जरूरतमंद आंदोलनकारियों के लिए सहयोग नेटवर्क विकसित हो;
  • आंदोलनकारी परिवारों को आवश्यक जानकारी और मार्गदर्शन मिले;
  • समाज और नई पीढ़ी के साथ आंदोलनकारियों का संवाद बढ़े।

3. नागरिक अधिकार एवं नागरिक सहायता

नागरिकों के पास अधिकार होना पर्याप्त नहीं है।

उन्हें यह भी पता होना चाहिए कि उन अधिकारों तक पहुँचना कैसे है।

मंच नागरिकों को—

  • सरकारी अधिकारों एवं सेवाओं की जानकारी;
  • प्रशासनिक प्रक्रियाओं की समझ;
  • शिकायत निवारण के उपलब्ध माध्यम;
  • सूचना और सार्वजनिक सेवाओं तक पहुँच;
  • संबंधित संस्थाओं तक पहुँचने की प्रक्रिया

समझने में सहायता करने का प्रयास करेगा।

उद्देश्य नागरिक की जगह काम करना नहींनागरिक को सक्षम बनाना है।

4. सामाजिक अंकेक्षण और नागरिक जवाबदेही

लोकतंत्र केवल चुनाव का नाम नहीं है।

नागरिकों को यह जानने का अधिकार है कि—

योजना क्या थी?
कितना संसाधन आया?
काम कितना हुआ?
लाभ किसे मिला?
और परिणाम क्या निकला?

मंच नागरिकों, विशेषज्ञों, सामाजिक संगठनों और आवश्यकता के अनुसार शैक्षणिक संस्थानों के साथ मिलकर तथ्य-आधारित नागरिक समीक्षा और सामाजिक अंकेक्षण की संस्कृति को बढ़ावा देगा।

उद्देश्य टकराव पैदा करना नहीं है।

उद्देश्य हैतथ्य के आधार पर जवाबदेही और सुधार।

5. युवा और महिला नागरिक नेतृत्व

झारखंड आंदोलन की विरासत तभी जीवित रहेगी जब नई पीढ़ी उससे केवल इतिहास नहीं, बल्कि नागरिक जिम्मेदारी भी सीखेगी।

मंच युवाओं और महिलाओं को—

  • नागरिक संवाद;
  • नेतृत्व;
  • सामुदायिक परियोजनाएँ;
  • स्थानीय समस्या समाधान;
  • सामाजिक अंकेक्षण;
  • सार्वजनिक संस्थाओं से संवाद;
  • शोध और दस्तावेजीकरण

जैसी गतिविधियों में सक्रिय भूमिका देने का प्रयास करेगा।

नई पीढ़ी केवल विरासत की उत्तराधिकारी नहींभविष्य की निर्माता भी है।

6. नागरिक एवं सामुदायिक पहल

मंच स्थानीय स्तर पर छोटी लेकिन प्रभावी नागरिक पहलों को प्रोत्साहित करेगा।

किसी गाँव, वार्ड, पंचायत, कॉलेज या समुदाय में समस्या हो सकती है—

  • पानी;
  • शिक्षा;
  • स्वास्थ्य;
  • सार्वजनिक सेवा;
  • स्थानीय पर्यावरण;
  • रोजगार;
  • सार्वजनिक संपत्ति;
  • सामाजिक समस्या।

मंच का प्रयास होगा कि स्थानीय नागरिक और संबंधित संस्थाएँ मिलकर—

समस्या पहचानेंतथ्य जुटाएँसमाधान खोजेंसहयोग बनाएँपरिणाम देखें।

7. ज्ञान, संवाद और शोध

झारखंड के भविष्य पर सार्थक सार्वजनिक विमर्श के लिए केवल नारे नहीं, ज्ञान भी आवश्यक है।

मंच—

  • नागरिक संवाद;
  • सार्वजनिक व्याख्यान;
  • युवा संवाद;
  • अध्ययन;
  • शोध;
  • नीति-विमर्श;
  • डिजिटल प्रकाशन;
  • स्थानीय ज्ञान-संग्रह

जैसी गतिविधियों को बढ़ावा देगा।

मंच कैसे काम करेगा?

झारखंड आंदोलनकारी नागरिक मंच कोई केवल पद-आधारित या ऊपर से नीचे नियंत्रित संगठन नहीं होगा।

यह एक संगठित, सहयोगात्मक और स्थानीय पहलआधारित नागरिक मंच के रूप में काम करेगा।

इसकी कार्यपद्धति होगी—

सुनना

आंदोलनकारियों, नागरिकों, समुदायों और संस्थाओं के अनुभव तथा प्रश्न समझना।

तथ्य समझना

समस्या से संबंधित जानकारी, दस्तावेज, आँकड़े और वास्तविक स्थिति देखना।

संवाद करना

नागरिकों, विशेषज्ञों, संस्थाओं और प्रशासन को आवश्यकता के अनुसार संवाद में लाना।

सहयोग बनाना

समस्या के अनुसार व्यक्तियों और संस्थाओं की क्षमताओं को जोड़ना।

समाधान विकसित करना

व्यावहारिक और संभव समाधान तलाशना।

नागरिक कार्रवाई

जहाँ आवश्यकता हो, शांतिपूर्ण, संविधानसम्मत और लोकतांत्रिक नागरिक पहल करना।

सुननातथ्यसंवादसहयोगसमाधाननागरिक कार्रवाई

Telegram समूह के लिए भी पहले से तय कार्यपद्धति “तथ्य → संवाद → समाधान → आवश्यकता पर लोकतांत्रिक नागरिक कार्रवाई” रखी गई है।

मंच की संगठनात्मक एवं सहभागिता संरचना

झारखंड आंदोलनकारी नागरिक मंच की संरचना ऐसी होगी जिसमें राज्य-स्तरीय दिशा और स्थानीय नागरिक पहल—दोनों के बीच संतुलन बना रहे।

1. राज्य समन्वय परिषद

राज्य समन्वय परिषद मंच का प्रमुख राज्य-स्तरीय मार्गदर्शक एवं समन्वय निकाय होगी।

इसमें झारखंड आंदोलनकारी, नागरिक समाज के प्रतिनिधि, महिलाएँ, युवा, विषय विशेषज्ञ और आवश्यकता के अनुसार सहयोगी संस्थाओं के प्रतिनिधि शामिल किए जा सकेंगे।

इसकी प्रमुख भूमिका होगी—

  • मंच की व्यापक दिशा तय करना;
  • वार्षिक प्राथमिकताएँ निर्धारित करना;
  • राज्य-स्तरीय कार्यक्रमों का समन्वय;
  • विभिन्न जिलों और कार्यसमूहों के बीच सहयोग;
  • मंच के गैर-दलीय और नागरिक चरित्र की रक्षा;
  • महत्वपूर्ण नीतिगत निर्णय।

2. राज्य संयोजक एवं समन्वय टीम

राज्य स्तर पर एक राज्य संयोजक तथा आवश्यकता के अनुसार सह-संयोजकों की एक छोटी टीम हो सकती है।

इनका उद्देश्य अधिकार-केंद्रित पद-संरचना बनाना नहीं, बल्कि—

  • विभिन्न स्तरों के बीच समन्वय;
  • बैठकें;
  • कार्यक्रम;
  • दस्तावेजीकरण;
  • संस्थागत संपर्क;
  • संवाद और follow-up

सुनिश्चित करना होगा।

3. जिला समन्वय समूह

जिन जिलों में मंच की सक्रियता विकसित होगी, वहाँ जिला समन्वय समूह बनाया जाएगा।

इसकी भूमिका होगी—

  • जिले की गतिविधियों का समन्वय;
  • प्रखंड समन्वय समूहों को जोड़ना;
  • जिला-स्तरीय आंदोलन इतिहास और दस्तावेजीकरण;
  • जिला प्रशासन तथा संस्थाओं से संवाद;
  • युवा, महिला और नागरिक कार्यक्रम;
  • स्थानीय मुद्दों को राज्य स्तर तक पहुँचाना।

4. प्रखंड समन्वय समूह

प्रखंड स्तर मंच के स्थानीय विस्तार और वास्तविक नागरिक गतिविधियों के बीच एक महत्वपूर्ण सेतु होगा।

इसकी भूमिका होगी—

  • पंचायत समन्वय समूहों को जोड़ना;
  • प्रशिक्षण एवं संवाद कार्यक्रम आयोजित करना;
  • स्थानीय समस्याओं का संकलन करना;
  • सामाजिक अंकेक्षण और community projects में सहयोग;
  • पंचायत स्तर के अनुभव और मुद्दे जिला स्तर तक पहुँचाना।

5. पंचायत समन्वय समूह

पंचायत स्तर मंच की स्थानीय नागरिक भागीदारी का महत्वपूर्ण आधार होगा।

इसकी भूमिका होगी—

  • ग्राम और वार्ड स्तर की गतिविधियों को जोड़ना;
  • स्थानीय नागरिक समस्याओं की पहचान;
  • आंदोलनकारियों और नागरिकों के बीच संवाद;
  • स्थानीय इतिहास और दस्तावेजीकरण;
  • युवा एवं महिला सहभागिता;
  • स्थानीय नागरिक पहल और सामाजिक अंकेक्षण।

6. स्थानीय नागरिक संवाद समूह

मंच की सबसे जमीनी इकाई स्थानीय नागरिक संवाद समूह होगा।

यह गाँव, वार्ड, मोहल्ला, शिक्षण संस्थान या किसी विशेष समुदाय के स्तर पर बन सकता है।

इसका उद्देश्य—

  • नागरिकों को नियमित संवाद के लिए जोड़ना;
  • स्थानीय समस्या की पहचान करना;
  • तथ्य जुटाना;
  • समाधान पर चर्चा करना;
  • छोटे community projects विकसित करना;
  • नागरिक जिम्मेदारी और नेतृत्व को बढ़ावा देना।

संगठनात्मक प्रवाह

राज्य समन्वय परिषद

राज्य संयोजक एवं समन्वय टीम

जिला समन्वय समूह

प्रखंड समन्वय समूह

पंचायत समन्वय समूह

स्थानीय नागरिक संवाद समूह

हमारी संगठनात्मक सोच

दिशा राज्य सेसमन्वय विभिन्न स्तरों सेपहल स्थानीय नागरिकों से।

और एक मूल सिद्धांत रहेगा—

संरचना गतिविधि के लिए होगी, गतिविधि संरचना के लिए नहीं।

विषयआधारित कार्यसमूह

संगठनात्मक संरचना के समानांतर विषय-आधारित कार्यसमूह भी बनाए जा सकेंगे।

उदाहरण—

  • झारखंड आंदोलन इतिहास एवं अभिलेखन;
  • आंदोलनकारी सम्मान एवं सहयोग;
  • नागरिक अधिकार;
  • सामाजिक अंकेक्षण एवं जवाबदेही;
  • युवा नेतृत्व;
  • महिला नेतृत्व;
  • शिक्षा एवं Campus Partnership;
  • रोजगार एवं आजीविका;
  • शोध एवं नीति;
  • मीडिया एवं जनसंवाद;
  • डिजिटल एवं दस्तावेजीकरण।

इन कार्यसमूहों में आंदोलनकारी, नागरिक, विशेषज्ञ और संबंधित संस्थाएँ शामिल हो सकेंगी।

सहयोगी संस्थाओं का नेटवर्क

स्कूल, कॉलेज, विश्वविद्यालय, गैर-लाभकारी संस्थाएँ, शोध संस्थान, ट्रस्ट, फाउंडेशन और पेशेवर संगठन मंच के साथ सहयोगी संस्था के रूप में जुड़ सकेंगे।

सहयोग किसी संस्था का विलय नहीं होगा।

हर संस्था अपनी स्वतंत्र पहचान बनाए रखते हुए किसी विशेष कार्यक्रम, परियोजना, अध्ययन या नागरिक पहल में सहयोग कर सकेगी।

कौन जुड़ सकता है?

यह मंच झारखंड आंदोलनकारियों से प्रेरित है, लेकिन केवल आंदोलनकारियों तक सीमित नहीं है।

व्यक्ति और संस्थाएँ—दोनों इससे जुड़ सकती हैं।

व्यक्ति के रूप में

  • झारखंड आंदोलनकारी;
  • आंदोलनकारी परिवारों के सदस्य;
  • युवा;
  • महिलाएँ;
  • विद्यार्थी;
  • शिक्षक और शिक्षाविद;
  • किसान;
  • मजदूर;
  • सामाजिक कार्यकर्ता;
  • पेशेवर;
  • उद्यमी;
  • सेवानिवृत्त अधिकारी एवं कर्मचारी;
  • वरिष्ठ नागरिक;
  • शोधकर्ता;
  • बेहतर झारखंड के निर्माण में योगदान देना चाहने वाला कोई भी जिम्मेदार नागरिक।

संस्था के रूप में

इनमें शामिल हो सकती हैं—

  • गैर-लाभकारी संस्थाएँ;
  • स्वयंसेवी संगठन;
  • ट्रस्ट;
  • फाउंडेशन;
  • स्कूल;
  • कॉलेज;
  • विश्वविद्यालय;
  • शोध संस्थान;
  • प्रशिक्षण संस्थान;
  • प्रोफेशनल एसोसिएशन;
  • सामुदायिक संगठन;
  • अन्य गैर-दलीय समाजहितकारी संस्थाएँ।

संस्थागत सहभागिता

हर संस्था की क्षमता अलग होती है।

मंच इन क्षमताओं को नागरिक हित में जोड़ने का प्रयास करेगा।

स्कूल एवं कॉलेज

सहयोग के संभावित क्षेत्र—

  • युवा नागरिक नेतृत्व;
  • झारखंड इतिहास संवाद;
  • Citizen Circle;
  • community projects;
  • स्थानीय समस्या अध्ययन;
  • सामाजिक अंकेक्षण;
  • विद्यार्थियों की field participation।

विश्वविद्यालय एवं शोध संस्थान

  • इतिहास का दस्तावेजीकरण;
  • oral history;
  • शोध;
  • नीति अध्ययन;
  • सामाजिक प्रभाव मूल्यांकन;
  • internship;
  • field research।

गैरलाभकारी एवं स्वयंसेवी संस्थाएँ

  • community mobilisation;
  • नागरिक अधिकार सहायता;
  • महिला एवं युवा कार्यक्रम;
  • स्थानीय विकास परियोजनाएँ;
  • सामाजिक अंकेक्षण;
  • प्रशिक्षण एवं जागरूकता।

ट्रस्ट एवं फाउंडेशन

  • ज्ञान सहयोग;
  • प्रशिक्षण;
  • विशेष परियोजनाएँ;
  • संसाधन सहयोग;
  • innovation support।

पेशेवर एवं विशेषज्ञ समूह

  • तकनीकी विशेषज्ञता;
  • mentoring;
  • कानूनी मार्गदर्शन;
  • प्रशासनिक समझ;
  • शोध;
  • मूल्यांकन;
  • volunteer expertise।

हमारी साझेदारी के सिद्धांत

साझा उद्देश्य

हर सहयोग स्पष्ट सार्वजनिक उद्देश्य पर आधारित होगा।

स्वायत्तता

हर संस्था अपनी स्वतंत्र पहचान और निर्णय-क्षमता बनाए रखेगी।

पारदर्शिता

भूमिकाएँ, जिम्मेदारियाँ और संसाधनों का उपयोग स्पष्ट होगा।

गैरदलीयता

मंच का उपयोग किसी राजनीतिक दल के प्रचार या विरोध के लिए नहीं किया जाएगा।

जवाबदेही

साझा परियोजनाओं के परिणामों की समीक्षा की जाएगी।

ज्ञानसाझेदारी

सफल अनुभवों और सीख को अन्य नागरिक समूहों के साथ साझा किया जाएगा।

हमारे मूल मूल्य

मानव गरिमा

हर व्यक्ति की गरिमा सर्वोपरि है।

सम्मान

संघर्ष, अनुभव और योगदान का सम्मान।

न्याय

हर नागरिक के लिए निष्पक्षता और अवसर।

संविधान

नागरिक कार्रवाई का आधार संवैधानिक और लोकतांत्रिक मूल्य होंगे।

अहिंसा और संवाद

मतभेदों का समाधान संवाद और लोकतांत्रिक माध्यमों से।

पारदर्शिता

निर्णयों और गतिविधियों में खुलापन।

जवाबदेही

सार्वजनिक जिम्मेदारी स्वीकार करने की संस्कृति।

समावेशन

सभी सामाजिक वर्गों की सार्थक सहभागिता।

युवा एवं महिला नेतृत्व

केवल प्रतिनिधित्व नहीं—वास्तविक नेतृत्व।

सहयोग और सिनर्जी

व्यक्तियों तथा संस्थाओं की क्षमताओं को जोड़कर अधिक प्रभाव पैदा करना।

हमारा गैरदलीय चरित्र

यह मंच किसी राजनीतिक दल का मंच नहीं है।

अलग-अलग राजनीतिक विचार रखने वाले नागरिक इससे जुड़ सकते हैं।

लेकिन मंच स्वयं—

  • किसी राजनीतिक दल का प्रचार नहीं करेगा;
  • किसी राजनीतिक दल के संगठनात्मक विस्तार का माध्यम नहीं बनेगा;
  • किसी व्यक्ति या दल के स्थायी समर्थन अथवा विरोध को अपना उद्देश्य नहीं बनाएगा।

किसी सार्वजनिक प्रश्न पर मंच की स्थिति—

तथ्यसंविधाननागरिक हितसार्वजनिक जवाबदेही

के आधार पर होगी।

Telegram समूह के नियमों में भी मंच को स्पष्ट रूप से गैर-दलीय रखते हुए सम्मानजनक संवाद, तथ्य-आधारित जानकारी, निजता और युवा-महिला नेतृत्व पर जोर रखा गया है।

विरोध से आगेसमाधान की ओर

झारखंड आंदोलन संघर्ष की परंपरा से निकला है।

संघर्ष लोकतंत्र में आवश्यक हो सकता है।

लेकिन हर समस्या का पहला उत्तर आंदोलन होना आवश्यक नहीं है।

इस मंच की प्राथमिकता होगी—

पहले समझना

फिर तथ्य जुटाना

फिर संवाद करना

फिर सहयोग बनाना

फिर समाधान तलाशना

और आवश्यकता होने पर लोकतांत्रिक नागरिक कार्रवाई करना।

इसलिए मंच का चरित्र केवल आंदोलनकारी नहीं बल्कि निर्माणकारी भी होगा।

आंदोलन की विरासत से नागरिक नेतृत्व तक

झारखंड आंदोलन ने साबित किया कि संगठित नागरिक शक्ति इतिहास बदल सकती है।

उस ऐतिहासिक संघर्ष ने राज्य बनाया।

आज नई चुनौती है—

बेहतर राज्य बनाना।

अब प्रश्न यह नहीं है कि झारखंड बने या नहीं।

अब प्रश्न है—

झारखंड कैसा बने?

क्या ऐसा झारखंड जहाँ नागरिक केवल सरकार की योजनाओं के लाभार्थी हों?

या ऐसा झारखंड जहाँ नागरिक अपने गाँव, समुदाय, संस्थाओं और राज्य के भविष्य के सक्रिय भागीदार हों?

हमारा विश्वास है—

आंदोलन की अगली ऐतिहासिक भूमिका नागरिक नेतृत्व हो सकती है।

संघर्ष की विरासत से निर्माण की यात्रा

संघर्ष की विरासत

सम्मान और स्मृति

नागरिक चेतना

नागरिक संवाद

नागरिक एवं संस्थागत सहयोग

स्थानीय पहल

जवाबदेही और बेहतर संस्थाएँ

बेहतर झारखंड

NCBC और झारखंड आंदोलनकारी नागरिक मंच

झारखंड आंदोलनकारी नागरिक मंच (JANM), राष्ट्रीय नागरिक निर्माण अभियान (NCBC) की एक विशेष नागरिक पहल है।

NCBC नागरिक निर्माण, नागरिक सहभागिता, स्थानीय नेतृत्व, संस्थागत सहयोग और लोकतांत्रिक जवाबदेही की व्यापक दृष्टि पर कार्य करता है।

JANM इसी नागरिक-निर्माण दृष्टि को झारखंड आंदोलन की ऐतिहासिक विरासत के साथ जोड़ता है।

संघर्ष की विरासत

नागरिक चेतना

नागरिक संगठन

नागरिक एवं संस्थागत सहयोग

नागरिक नेतृत्व

जवाबदेह संस्थाएँ

बेहतर झारखंड

हमारी प्रारंभिक प्राथमिकताएँ

प्रारंभिक चरण में मंच निम्न क्षेत्रों पर काम विकसित करेगा—

  1. आंदोलनकारियों का संपर्क एवं दस्तावेजीकरण;
  2. झारखंड आंदोलन का डिजिटल अभिलेख;
  3. oral history programme;
  4. आंदोलनकारी सम्मान एवं सहयोग;
  5. नागरिक अधिकार सहायता;
  6. स्थानीय सामाजिक अंकेक्षण;
  7. युवा नागरिक संवाद;
  8. महिला नागरिक नेतृत्व;
  9. स्कूल एवं कॉलेज आधारित नागरिक कार्यक्रम;
  10. community projects;
  11. गैर-लाभकारी संस्थाओं के साथ सहयोग;
  12. शोध एवं शैक्षणिक संस्थाओं के साथ documentation और research;
  13. विषय-आधारित कार्यसमूह;
  14. स्थानीय सार्वजनिक समस्याओं पर solution projects;
  15. जिला, प्रखंड और पंचायत स्तर पर समन्वय नेटवर्क;
  16. स्थानीय नागरिक संवाद समूह;
  17. झारखंड के भविष्य पर नागरिक एवं संस्थागत संवाद।

Telegram समुदाय से जुड़ें

मंच की बैठकों, कार्यक्रमों, दस्तावेजीकरण, स्थानीय पहलों और महत्वपूर्ण अपडेट के लिए Telegram समूह संपर्क का एक सुविधाजनक माध्यम होगा। मौजूदा Telegram दस्तावेज़ में भी समूह को नागरिक भागीदारी, सामाजिक अंकेक्षण, आंदोलन इतिहास के दस्तावेजीकरण और सामाजिक सहयोग के लिए उपयोग करने की दिशा दी गई है।

Telegram Group

[Telegram Group Join करें]

QR Code

QR कोड स्कैन करें और JANM Telegram समूह से जुड़ें।

महत्वपूर्ण

Telegram समूह संपर्क, संवाद और अपडेट का माध्यम है।

Telegram समूह में शामिल होना अपने-आप औपचारिक सदस्यता या संस्थागत साझेदारी नहीं माना जाएगा।

औपचारिक सहभागिता के लिए वेबसाइट के Join/Contact Form का उपयोग किया जाएगा।

डिजिटल पुस्तिका

झारखंड आंदोलनकारी नागरिक मंच को एक नज़र में समझें

मंच की पृष्ठभूमि, दृष्टि, मिशन, प्रमुख कार्यधाराएँ, संगठनात्मक संरचना, संस्थागत सहभागिता और संपर्क माध्यमों को सरल एवं दृश्य रूप में समझने के लिए JANM की डिजिटल पुस्तिका देखें।

[डिजिटल पुस्तिका देखें]

[PDF डाउनलोड करें]

मौजूदा JANM डिजिटल पुस्तिका में मुख्य वेबसाइट, JANM अभियान पेज और Telegram समूह के संपर्क पहले से सम्मिलित हैं।

गतिविधियाँ एवं समाचार

यहाँ मंच से संबंधित गतिविधियाँ और अपडेट उपलब्ध होंगे—

  • आंदोलनकारियों के संवाद;
  • oral history recordings;
  • जिला, प्रखंड और पंचायत गतिविधियाँ;
  • स्थानीय नागरिक संवाद समूह;
  • युवा कार्यक्रम;
  • स्कूल एवं कॉलेज कार्यक्रम;
  • महिला नेतृत्व गतिविधियाँ;
  • सामाजिक अंकेक्षण;
  • community projects;
  • नागरिक संवाद;
  • सहयोगी संस्थाओं के साथ गतिविधियाँ;
  • शोध एवं रिपोर्ट;
  • फोटो एवं वीडियो;
  • मीडिया कवरेज।

[सभी गतिविधियाँ देखें]

आप कैसे जुड़ सकते हैं?

आप मंच के साथ कई रूपों में जुड़ सकते हैं।

नागरिक सहभागी के रूप में

स्थानीय कार्यक्रमों, संवादों और नागरिक पहलों में भाग लें।

आंदोलनकारी के रूप में

अपने अनुभव, स्मृतियाँ और झारखंड के भविष्य के लिए अपनी दृष्टि साझा करें।

स्वयंसेवक के रूप में

दस्तावेजीकरण, शोध, कार्यक्रम, डिजिटल कार्य या community projects में सहयोग करें।

युवा या विद्यार्थी के रूप में

Citizen Circle, research, field projects और leadership activities में भाग लें।

विषय विशेषज्ञ के रूप में

अपने ज्ञान और अनुभव से किसी कार्यसमूह या परियोजना में योगदान दें।

संस्था के रूप में

किसी specific programme, research project या community initiative में साझेदारी करें।

अपने क्षेत्र में पहल शुरू करें

क्या आपके गाँव, वार्ड, पंचायत, प्रखंड, कॉलेज, संस्था या समुदाय में कोई सार्वजनिक समस्या है?

क्या आप झारखंड आंदोलन के स्थानीय इतिहास को दर्ज करना चाहते हैं?

क्या आप आंदोलनकारियों के अनुभव रिकॉर्ड करना चाहते हैं?

क्या आप युवाओं और महिलाओं को नागरिक नेतृत्व से जोड़ना चाहते हैं?

क्या आप अपने क्षेत्र में स्थानीय नागरिक संवाद समूह शुरू करना चाहते हैं?

क्या आपकी संस्था किसी community project में सहयोग करना चाहती है?

तो मंच से संपर्क करें।

हम मिलकर एक छोटी, स्पष्ट और परिणामआधारित नागरिक पहल विकसित कर सकते हैं।

[नागरिक के रूप में जुड़ें]

[स्वयंसेवक बनें]

[संस्था के रूप में जुड़ें]

आइए, संघर्ष की विरासत को नागरिक शक्ति में बदलें

यह समय फिर से जुड़ने का है।

लेकिन इस बार उद्देश्य केवल एक माँग नहीं—

बेहतर झारखंड का निर्माण है।

आइए—

  • अपनी विरासत को स्वयं दर्ज करें;
  • आंदोलनकारियों के सम्मान को जीवित रखें;
  • नई पीढ़ी को इतिहास से जोड़ें;
  • नागरिक अधिकारों को समझें और समझाएँ;
  • सार्वजनिक संस्थाओं की जवाबदेही बढ़ाएँ;
  • स्थानीय समस्याओं का समाधान खोजें;
  • युवा और महिला नेतृत्व को आगे लाएँ;
  • स्कूल, कॉलेज और सामाजिक संस्थाओं को नागरिक निर्माण से जोड़ें;
  • पंचायत, प्रखंड और जिला स्तर पर नागरिक समन्वय विकसित करें;
  • सहयोग और संवाद की नई संस्कृति विकसित करें।

हमारा संकल्प

संघर्ष की विरासत को नागरिक शक्ति में बदलना।

हमारा आह्वान

झारखंड बनाया थाअब सपनों का झारखंड बनाएँगे।

[आज ही मंच से जुड़ें]

संपर्क करें

Official Email:
janmmanch@gmail.com

Telegram Group:
https://t.me/+PbwE0nMX-SY5OWM9

संघर्ष की विरासत से नागरिक नेतृत्व की ओर

झारखंड बनाया थाअब सपनों का झारखंड बनाएँगे।